DNA: क्या AAP ने खालिस्तानी संगठनों से 134 करोड़ रुपये लिए?
Advertisement
trendingNow12238937

DNA: क्या AAP ने खालिस्तानी संगठनों से 134 करोड़ रुपये लिए?

DNA Analysis: अरविंद केजरीवाल को कथित शराब घोटाले में अंतरिम जमानत वाली राहत मिल भी जाती है. तो भी उनकी आफत कम होती नहीं दिख रही है. क्योंकि CBI और ED के बाद अब CM केजरीवाल के खिलाफ NIA भी जांच कर सकती है.

DNA: क्या AAP ने खालिस्तानी संगठनों से 134 करोड़ रुपये लिए?

DNA Analysis: अरविंद केजरीवाल को कथित शराब घोटाले में अंतरिम जमानत वाली राहत मिल भी जाती है. तो भी उनकी आफत कम होती नहीं दिख रही है. क्योंकि CBI और ED के बाद अब CM केजरीवाल के खिलाफ NIA भी जांच कर सकती है. दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन Sikh For Justice से कथित राजनीतिक चंदा लेने के मामले में मुख्यमंत्री केजरीवाल के खिलाफ NIA जांच की सिफारिश की है. उपराज्यपाल ने आरोप लगाया है कि केजरीवाल की आम आदमी पार्टी... SFJ से भारी फंडिंग लेती रही ताकि चरमपंथियों को जेल से छोड़ा जा सके.

उपराज्यपाल ने ये आरोप और केजरीवाल के खिलाफ NIA जांच की सिफारिश... विश्व हिंदू महासंघ की तरफ से मिली लिखित शिकायत के आधार पर की है. जिसमें क्या आरोप लगाये गये हैं.. आपको बताते हैं..

आरोप नंबर 1

आम आदमी पार्टी को वर्ष 2014 से 2022 के बीच प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से 16 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी 134 करोड़ रुपये.. राजनीतिक चंदे के तौर पर मिले.

आरोप नंबर 2

CM केजरीवाल ने वर्ष 2014 में अमेरिकी यात्रा के दौरान न्यूयॉर्क में खालिस्तानी नेताओँ के साथ बंद कमरे में बैठकें की थी.

आरोप नंबर 3

CM केजरीवाल ने खालिस्तानी संगठनों से AAP को वित्तीय सहायता के बदले में खालिस्तानी आतंकी देवेंद्र पाल भुल्लर की रिहाई की मांग का समर्थन करने का वादा किया था.

आरोप नंबर 4

अरविंद केजरीवाल ने 27 जनवरी 2014 को तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को पत्र लिखकर आंतकी भुल्लर को माफ करने का अनुरोध किया था.

अब हर मुद्दे की तरह इस मुद्दे पर भी आम आदमी पार्टी LG पर बीजेपी का एजेंट होने के आरोप लगा रही है और बीजेपी.. केजरीवाल पर खालिस्तानी समर्थक होने का आरोप लगा रही है. अब हम आपको उस शख्स के बारे में बताते हैं जिसकी रिहाई के लिए आम आदमी पार्टी पर कथित तौर से खालिस्तानी संगठनों से करोड़ों रुपये लेने का आरोप है. उसका नाम है देवेंद्र पाल सिंह भुल्लर..जो खालिस्तानी लिबरेशन फोर्स का आतंकी था. भुल्लर 1993 दिल्ली बम धमाके का दोषी है, जिसमें युवा कांग्रेस हेडक्वार्टर के बाहर बम विस्फोट में 9 लोगों की मौत हो गई थी.

दिल्ली बम धमाके में भुल्लर को टाडा एक्ट के तहत फांसी की सजा सुनाई गई थी. बाद में सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया था. फिलहाल भुल्लर दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है. अब आम आदमी पार्टी पर इसी आतंकी भुल्लर की रिहाई के बदले में खालिस्तानी संगठनों से चंदा लेने का आरोप लगा है. जिसकी NIA जांच शुरु हुई तो CM केजरीवाल की मुसीबत बढ़ना तय है.

Trending news